शोधकर्ताओं ने पाया कि ये समस्याएं स्वामित्व वाले और ओपन-सोर्स एआई मॉडल दोनों में देखी गई है. न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई स्थित इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन के स्टडी को-लीडर डॉ. गिरीश नादकर्णी ने कहा, एआई में स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने की शक्ति है, लेकिन केवल तभी जब इसका विकास और उपयोग जिम्मेदारी से किया जाए.
इकान स्कूल के ही सह-लेखक डॉ. इयाल क्लैंग ने कहा, यह पहचान करनी होगी कि ये एआई मॉडल कहां भेदभाव कर सकते हैं, हम एआई मॉडल के डिजाइन को परिष्कृत करने, निरीक्षण को मजबूत करने और ऐसी प्रणालियां बनाने के लिए काम करना होगा जो इस बात को सुनिश्चित करें कि मरीज सुरक्षित रहें.