चंडीगढ़ में संत निरंकारी सत्संग भवन में महिला समागम का आयोजन

www.atalhind.com21 April 20262 min read0 viewsचंडीगढ़
चंडीगढ़ में संत निरंकारी सत्संग भवन में महिला समागम का आयोजन

कैसी भी हो परिस्थिति एक सी हो मनोस्थिति

चण्डीगढ/20 अप्रैल /अटल हिन्द ब्यूरो

– सतगुरु माता जी के पावन आशीर्वाद से सेक्टर 30 स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में महिला समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय योजना एवं सलाहकार बोर्ड के सदस्य  जोगिंद्र कौर जी ने विशेष तौर पर पहुंचकर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश दिया।

महिला समागम में विभिन्न आयु वर्ग की महिलाओं, बच्चियों, युवतियों और बुजुर्ग महिलाओं ने अनेक भाषाओं का सहारा लेते हुए गीत, कविताएँ, भाषण और लघु नाटिकाओं के माध्यम से सत्संग, सेवा और सिमरन से प्राप्त अपने अनुभवों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे वातावरण भक्ति और आनंद से परिपूर्ण हो गया।

 

 

जोगिंद्र कौर ने  कहा  कि सतगुरु का सदैव यही संदेश  रहा कि “कैसी भी हो परिस्थिति एक सी हो मनोस्थिति । इसलिए जीवन में आने वाली बाधाओं व अड़चनों से घबराना नहीं चाहिए  बल्कि सेवा, सिमरन व सत्संग करने से यह बाधाएं-  बाधाए नहीं रहती बल्कि जीवन का हिस्सा बनकर साथ साथ चलती है जैसे समुद्र में नाव ।  सतगुरु से ब्रह्मज्ञान मिलने के बाद ही  हम अपने विश्वास में संवृद्धि करते है बल्कि यह जीवन सहज रूप से चल सकता है। जो-जो भी सज्जन सत्गुरू के आदेशों का पालन करते हुए सेवा, सिमरन और  सत्संग पर दृढ़ता से चलता है । वही वास्तव में परमात्मा को अपने भीतर अनुभव कर पाता है और ब्रह्मज्ञान को अपने जीवन का अंग बना लेता है।

 

 

इस अवसर पर श्रीमती जोगिंदर  कौर  जी ने युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व देते हुए कहा कि सत्गुरू माता सुदीक्षा जी द्वारा विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से युवा वर्ग को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह मंच न केवल उनकी क्षमताओं को निखारता है, बल्कि उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन देकर उन्हें सफल बनाना चाहते हैं, उसी प्रकार सत्गुरू भी चाहते हैं कि युवा वर्ग आध्यात्मिकता से जुड़कर अपने जीवन को उच्च आदर्शों की ओर अग्रसर करे। उन्होंने  कहा कि आज के समय में यह अत्यंत आवश्यक है कि युवा अपने समय का सदुपयोग करें और उसे सेवा, सिमरन एवं सत्संग में लगाएँ। इससे वे न केवल बुरी आदतों और भटकाव से दूर रहेंगे, बल्कि भविष्य में मानवता की सेवा करते हुए समाज में प्रेम, शांति और सद्भावना का संदेश भी प्रसारित करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक श्री नवनीत पाठक जी एवं जोनल इंचार्ज श्री ओ.पी. निरंकारी जी  ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

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