राजस्थान  विधानसभा अध्यक्ष ने जीजीटीयू में पंडित दीनदयाल अध्ययन पीठ का किया शुभारंभ

www.atalhind.com24 May 20263 min read0 viewsराजस्थान
राजस्थान  विधानसभा अध्यक्ष ने जीजीटीयू में पंडित दीनदयाल अध्ययन पीठ का किया शुभारंभ

राजस्थान  विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने बांसवाड़ा के जीजीटीयू में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ का शुभारंभ किया
एकात्ममानववाद का सिद्धांत भारतीय जीवन को देखने की दृष्टि – श्री देवनानी

 

जयपुर /24 मई / अटल हिन्द ब्यूरो/ दिनेश कुमार जांगिड़

राजस्थान  विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने रविवार को गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ का शुभारंभ किया।

देवनानी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद का दर्शन भारतीय संस्कृति एवं अंत्योदय की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि अध्ययन पीठ युवा पीढ़ी को राष्ट्र चिंतन, भारतीय जीवन मूल्यों एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित दीनदयाल अध्ययन पीठ की स्थापना केवल एक पीठ स्थापना नहीं बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरागत और सांस्कृतिक मूल्यों की पुनः प्रतिस्थापना है। यहां विद्यार्थी केवल स्वयं के भविष्य का निर्माण नहीं करेंगे बल्कि राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेंगे। मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल अर्थ उपार्जन करना नहीं बल्कि लोक मंगल का माध्यम बनना है। शिक्षा का उद्देश्य उत्तरदायी नागरिक बनाना है।

श्री देवनानी ने कहा कि जो अंतिम व्यक्ति के आंसुओं को समझेगा वही भारत को समझेगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय का सिद्धांत यही सिखाता है। एकात्म मानववाद का सिद्धांत भारतीय जीवन को देखने की दृष्टि है। आज दुनिया मानसिक तनाव और सांस्कृतिक संकट से जूझ रही है ऐसे में भारतीय संस्कृति एवं एकात्मक मानववाद के सिद्धांत की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। केवल तकनीकी प्रगति से मानवता जीवित नहीं रह सकती, विकास के साथ मानवीय संवेदना और करुणा भी आवश्यक है। पंडित दीनदयाल जी ने संतुलन की बात पर जोर दिया। प्रगति के साथ संस्कृति भी आवश्यक है। उन्होंने कहा भारत को विश्व गुरु बनाने का मतलब विश्व का मार्गदर्शक बनाना है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से स्वावलंबी बनने एवं भारत की संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने अध्ययन पीठ के ब्रोशर का भी विमोचन किया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

कार्यक्रम में गढ़ी विधायक  कैलाश चंद्र मीणा ने कहा कि वागड़ क्षेत्र में पंडित दीनदयाल अध्ययन पीठ का प्रारंभ होना अत्यंत खुशी अवसर है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों पर चलकर देश एकसूत्र में समाहित होकर संचालित हो रहा है। पंडित दीनदयाल जी के पदचिह्नों पर चलकर उनके मूल्यों के आधार पर वागड़, राजस्थान और देश में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के काम हो रहे है।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सलाहकार (उच्च शिक्षा) एवं जीजीटीयू के पूर्व कुलपति श्री कैलाश सोडाणी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन का उद्देश्य भारत को समृद्धशाली राष्ट्र बनाना था। उन्होंने अपना जीवन देश को समर्पित कर दिया। उन्होंने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास पर जोर दिया। अंत्योदय शब्द का जन्म पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का विचार है। आजादी के बाद उन्होंने एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाई। उन्होंने उस समय जो दीप प्रज्वलित किया वह आज सूर्य की भांति चमक रहा है। इस अवसर पर श्री सोडाणी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन परिचय और एकात्म मानववाद के सिद्धांत से परिचय करवाया।

कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो केशव सिंह ठाकुर ने कहा कि विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल अध्ययन पीठ की स्थापना मूल्य आधारित शिक्षा की ओर महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से भारतीय दृष्टि से विद्यार्थियों का विकास होगा। यहां शोध, विमर्श, संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता व भारतीय मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह पीठ एक जीवन बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जनजाति युवाओं को आत्मविश्वास के साथ शिक्षा, शोध और नवाचार का मंच प्रदान कर रहा है ताकि वे एक संवेदनशील और जागरूक नागरिक बन सके।

इस अवसर पर रजिस्ट्रार उदय सिंह, समाजसेवी लाभचंद पटेल, राजेश कटारा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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