जयपुर SMS स्टेडियम पर NGT की रोक, खेल गतिविधियों पर लगा बैन

www.atalhind.com10 July 20262 min read0 viewsराजस्थान
जयपुर SMS स्टेडियम पर NGT की रोक, खेल गतिविधियों पर लगा बैन

जयपुर के SMS स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर NGT की अंतरिम रोक, जानें क्या है पूरा मामला

जयपुर /10 जुलाई 2026 /अटल हिन्द /दिनेश जांगिड़

राजस्थान के खेल प्रेमियों और क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है। जयपुर के ऐतिहासिक सवाई मानसिंह (SMS)

स्टेडियम में आगामी दिनों में किसी भी प्रकार की खेल गतिविधि या क्रिकेट मैच का आयोजन नहीं हो सकेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी के चलते स्टेडियम में सभी खेल आयोजनों पर अंतरिम रोक लगा दी है।

यह पाबंदी 17 अगस्त (अगली सुनवाई) या ट्रिब्यूनल से विशेष अनुमति मिलने तक लागू रहेगी।

आखिर क्यों लगा प्रतिबंध? 
NGT द्वारा इस सख्त कदम के पीछे मुख्य वजह स्टेडियम प्रबंधन द्वारा पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का पालन न करना है। ट्रिब्यूनल के अनुसार:

नोटिसों की अनदेखी: स्टेडियम प्रबंधन को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े निर्देशों के पालन को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बार-बार अवसर मिलने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

पानी के दुरुपयोग पर आपत्ति: एनजीटी ने पूर्व में निर्देश दिए थे कि मैदान के रखरखाव और सिंचाई के लिए भूजल (Groundwater) का इस्तेमाल कम से कम किया जाए।

वैकल्पिक व्यवस्था का अभाव: ट्रिब्यूनल ने मैदान की सिंचाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के शोधित पानी का उपयोग करने और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संरक्षण) की प्रभावी व्यवस्था करने को कहा था, जिसका अनुपालन नहीं किया गया।

आगामी आयोजनों पर पड़ेगा गहरा असर
सवाई मानसिंह स्टेडियम राजस्थान का सबसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल मैदान है। यहाँ घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी आदि) के साथ-साथ कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले आयोजित होते आए हैं।

बड़ा असर: यदि 17 अगस्त की सुनवाई में प्रबंधन को राहत नहीं मिलती है, तो भविष्य में होने वाले प्रस्तावित मैचों और खेल अकादमियों के अभ्यास सत्रों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ सकता है।

SMS स्टेडियम का ऐतिहासिक महत्व
जयपुर का यह मैदान सिर्फ एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि इतिहास का गवाह भी है:

इस स्टेडियम ने फरवरी 1987 में भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच की मेजबानी की थी।

इस मैच के दौरान पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल जिया-उल-हक अपनी “शांति के लिए क्रिकेट” पहल के तहत दूसरे दिन का खेल देखने खुद जयपुर आए थे।

अब खेल जगत और दर्शकों की निगाहें 17 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि इस ऐतिहासिक मैदान पर दोबारा चौके-छक्के कब देखने को मिलेंगे।

Share:

Comments

Leave a comment