रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, पटेल ने कहा कि जैसे ही वह रिहा होंगे, वह उस ढांचे को ध्वस्त कर देंगे, जो स्थानीय मंदिर की भूमि पर कथित अतिक्रमण का हिस्सा है.ज्ञात हो कि देवरा गांव के महादेवन मंदिर से जुड़ी करीब 9 एकड़ जमीन को लेकर विवाद है, जहां मुस्लिम समुदाय और दलित परिवारों के करीब 70 से 75 घर हैं. मुस्लिम समुदाय के लोगों का दावा है कि यहां उनके पुश्तैनी घर हैं. बताया गया है कि उनकी तरफ से भी जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.ग्रामीणों ने दावा किया कि मंगलवार को 25-30 लोगों की भीड़ ने उनके घरों पर हमला किया, जिसमें मुसलमानों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाया गया।मध्य प्रदेश के मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के बुलडोजर न्याय या विध्वंस के निर्देशों की अवहेलना करते हुए 19 नवंबर, 2024 को कानून अपने हाथ में ले लिया।
पटेल ने खटकरी गांव में एक भूखंड से लोगों को बेदखल करने का प्रयास किया, जहां 7 आदिवासी और 13 हिंदू सहित 43 परिवार पीढ़ियों से रह रहे हैं।इस बीच, ग्रामीणों ने दावा किया कि मंगलवार को 25-30 लोगों की भीड़ ने उनके घरों पर हमला किया, जिसमें मुसलमानों और उनकी संपत्तियों को निशाना बनाया गया।पुलिस ने घटना में शामिल 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।मऊगंज के जिला मजिस्ट्रेट अजय श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्व न्यायालय के आदेश के बाद सभी परिवारों को बेदखली के नोटिस दिए गए थे। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है और उसके अनुसार कार्रवाई की है।
पटेल ने कहा, ‘मुझे खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा. जैसे ही मैं यहां से रिहा होऊंगा, मैं 500 लोगों को साथ लेकर सीधे अतिक्रमण हटाने जाऊंगा.’
मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग पांडे ने अखबार को बताया, ‘विधायक को एहतियातन हिरासत में लिया गया है. मैं पिछले दो दिनों से मौके पर हूं और शांति बनाए रखने के लिए करीब 180 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है. इस इलाके में अतिक्रमण है और यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के परिवार रहते हैं. मामले की सुनवाई स्थानीय अदालत में चल रही है.’
विधायक से बात करने के लिए भेजे गए भाजपा नेता और राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा, ‘मैंने उनसे मुलाकात की. हमने करीब तीन घंटे तक बात की. उनकी एकमात्र मांग अतिक्रमण हटाना है.’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर विधायक के इस दावे के लिए कोई सबूत है कि जमीन पर रहने वाले लोगों ने ‘देश विरोधी नारे’ लगाए, तो इसकी जांच की जाएगी.