HAU में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले ने , रजिस्ट्रार समेत 8 के खिलाफ मामला दर्ज

Atal Hind11 June 20252 min read0 viewsहिसार
HAU में छात्रों पर लाठीचार्ज मामले ने , रजिस्ट्रार समेत 8 के खिलाफ मामला दर्ज

हिसार:/11 जून /अटल हिन्द ब्यूरो

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति आवास के सामने मंगलवार रात को स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज मामले में सिविल लाइन पुलिस ने रजिस्ट्रार सहित आठ लोगों  सिक्योरिटी इंचार्ज सुखबीर सिंह, प्रो राधेश्याम, रजिस्ट्रार पवन कुमार, सुमन, नरेंद्र, जगमेश पूनिया, अनूप, पवन कुमार व बिजेंद्र  के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. लाठीचार्ज के मामले में तीन छात्रों को गंभीर चोट आई थी, जबकि 7-8 छात्रों को मामूली चोट थी. घायल छात्रों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है.

छात्रों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार ने डंडे मारे हैं. इस घटना में चक्षु, निखिल, राहुल, मोहित कुमार, विक्रम व अन्य छात्रों को चोटें आई है. छात्रों को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया. जबकि यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कहा गया कि छात्रों ने सुरक्षा कर्मचारी के साथ मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए थे.

 

लाठीचार्ज की घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने पहले विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के पास धरना दिया, फिर परिसर के गेट नंबर चार पर प्रदर्शन किया. इसके बाद देर रात वे कुलपति निवास की ओर बढ़े, जहां उन्होंने शांतिपूर्ण धरने की योजना बनाई थी. हालांकि, प्रशासन ने वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया और कुलपति निवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. छात्रों ने मांग की है कि मारपीट करने वाले सुरक्षा कर्मियों को निलंबित किया जाए और उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई हो. छात्र निखिल ने कहा कि वे इस घटना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे और पुलिस जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.

 

 

क्या है छात्रों की मांगे? : छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाल ही में स्कॉलरशिप नीति में बदलाव किया है, जिसके तहत पहले 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक (OGPA 7.0) प्राप्त करने वाले सभी स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती थी. पीजी छात्रों को 6,000 रुपये और पीएचडी छात्रों को 10,000 रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जाती थी.

छात्रों के मुताबिक नए नियम के अनुसार, अब केवल शीर्ष 25 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ही स्कॉलरशिप मिलेगी. इस बदलाव से कई मेधावी छात्र लाभ से वंचित हो जाएंगे, खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र जो इस राशि पर निर्भर हैं. छात्रों ने मांग की है कि पुरानी नीति को बहाल किया जाए और सभी 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाए.

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