नरवाना के लघु सचिवालय में कूड़े के लगे ढेर

www.atalhind.com14 April 20261 min read0 viewsचंडीगढ़
नरवाना के  लघु सचिवालय में कूड़े के लगे  ढेर

इंतज़ार कब उठूंगा मैं? मलबा नहीं, लापरवाही का ढेर—तीन महीने से गैलरी में जस का तस

नरवाना 14 अप्रैल (नरेन्द्र जेठी)

लघु सचिवालय की पहली मंज़िल की गैलरी इन दिनों एक खामोश सवाल बनकर खड़ी है। गैलरी में किनारे पड़ा मलबा मानो खुद ही पूछ रहा हो—इंतज़ार कब उठूंगा मैं? कुछ महीनों पहले यहां रंग-रोगन और मेंटेनेंस का काम कराया गया था। इमारत को संवारने के लिए दीवारें चमकाई गईं, मरम्मत हुई, लेकिन काम खत्म होते ही जो मलबा इक_ा किया गया, उसे उठाने की जिम्मेदारी जैसे यहीं छोड़ दी गई। तब से लेकर अब तक मिट्टी, टूटे पत्थर और कांच के टुकड़े एक किनारे पड़े हैं। यह गैलरी लघु सचिवालय के भीतर का व्यस्त रास्ता है, जहां से रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। हर दिन लोग इस ढेर को देखते हैं, लेकिन इसे हटाने की दिशा में कोई हलचल नजर नहीं आती।

मलबा नहीं – लापरवाही का ढेर अब यह सिर्फ मलबा नहीं रह गया—यह लापरवाही का ढेर बन चुका है, जो जिम्मेदारों की चुप्पी को साफ तौर पर दिखाता है। सवाल उठता है कि जब काम पूरा हो गया, तो सफाई की जिम्मेदारी किसकी थी और अब तक यह क्यों नहीं निभाई गई? तीन से चार महीने गुजर जाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। गैलरी में पड़ा मलबा जैसे प्रशासनिक उदासीनता की स्थायी तस्वीर बन गया है। और यह ढेर आज भी वहीं पड़ा है, जैसे हर गुजरने वाले से एक ही सवाल कर रहा हो— आखिर इंतज़ार कब खत्म होगाज् और मैं यहां से कब उठूंगा?

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