एनएसएस शिविर में युवाओं को तकनीक और एआई की शक्ति से अवगत कराया, डॉ. राकेश कुमार ने दिया मार्गदर्शन

एनएसएस शिविर में युवाओं को तकनीक और एआई की शक्ति से अवगत कराया, डॉ. राकेश कुमार ने दिया मार्गदर्शन

तकनीक का मूल उद्देश्य जीवन को सरल एवं प्रभावी बनाना है: डॉ. राकेश कुमार


एनएसएस राज्य स्तरीय शिविर के चौथे दिन डॉ. राकेश कुमार ने स्वयंसेवकों को तकनीकी नवाचारों से कराया अवगत


कुरुक्षेत्र /15 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /शशि अरोड़ा

हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के चौथे दिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. राकेश कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।

डॉ. राकेश कुमार ने मोबाइल तकनीक, कंप्यूटर तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास और समाज पर उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का मूल उद्देश्य जीवन को सरल, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाना है। समय के साथ तकनीक में लगातार सुधार होता रहता है, जिससे समाज की कार्यशैली और सोचने-समझने का तरीका भी बदलता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार मोबाइल फोन में नए-नए संस्करण (वर्जन) आने से उसकी क्षमताएं बढ़ती जाती हैं, उसी प्रकार तकनीक भी निरंतर विकसित होती रहती है। उन्होंने पहिये के आविष्कार का उल्लेख करते हुए कहा कि इस एक खोज ने मानव सभ्यता की गति और विकास की दिशा को बदल दिया। इसी प्रकार आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग तथा संचार सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन ला रही है।

डॉ. राकेश कुमार ने स्वयंसेवकों को डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी  की अवधारणा समझाते हुए बताया कि ऐसी तकनीकें समाज और उद्योगों में क्रांतिकारी बदलाव लाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नई तकनीक अपने विकास के प्रारंभिक चरण में धीमी गति से आगे बढ़ती है, फिर तेजी से विस्तार करती है और अंततः स्थिरता की ओर बढ़ती है। इसे तकनीकी विकास की ‘एस-आकार वृद्धि कहा जाता है।उन्होंने युवाओं से तकनीकी ज्ञान को सकारात्मक दिशा में उपयोग करने तथा नवाचार और रचनात्मकता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं का होगा जो बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट करते रहेंगे।

शिविर में जींद, कैथल, भिवानी तथा कुरुक्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 200 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। शिविर के माध्यम से स्वयं सेवकों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना तथा आधुनिक ज्ञान के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है।इस अवसर पर डॉ. सुखविंद्र सिंह, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, प्रवीण शर्मा, अनिल अत्री, रामनिवास, मीनाक्षी, दिव्य, प्रीतम कुमार, बंसी लाल, नरेश कुमार, नरेंद्र, कविता, डॉ. सुशील टाया, विश्वजीत सिंह एवं सतीश सहित एनएसएस अधिकारी, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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