पीएफआई और आरएसएस एक जैसे संगठन ,ये लोग युवाओं को बुलाकर उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते थे और उनका ‘ब्रेनवॉश’ करते है
पीएफआई और आरएसएस एक जैसे संगठन ,ये लोग युवाओं को बुलाकर उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते थे और उनका ‘ब्रेनवॉश’ करते है

पटना: बिहार पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के साथ संबंधों के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इसकी जानकारी देते हुए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने पीएफआई की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से तुलना की.
पत्रकारों से बृहस्पतिवार को बातचीत के दौरान मानवजीत सिंह ढिल्लों ने पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों द्वारा युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण दिए जाने के बारे में कहा, ‘जैसे आरएसएस अपनी शाखा आयोजित करता है और लाठी का प्रशिक्षण देता है, उसी प्रकार से ये लोग युवाओं को बुलाकर उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण देते थे और उनका ‘ब्रेनवॉश’ कर उनके माध्यम अपना एजेंडा लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे.’
पटना पुलिस ने बुधवार को फुलवारीशरीफ थाना अंतर्गत नया टोला मुहल्ला में छापेमारी कर पीएफआई से जुडे झारखंड के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जलालुद्दीन के साथ प्रतिबंधित संगठन सिमी के पूर्व कार्यकर्ता रहे अतहर परवेज को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद एक स्थानीय निवासी और उनके लिए प्रशिक्षण आयोजित करने वाले अरमान मलिक को गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद जलालुद्दीन के मकान में युवाओं को ‘शारीरिक प्रशिक्षण’ दिया जा रहा था.

ढिल्लों ने बताया कि फुलवारीशरीफ मामले में कुल 26 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें अधिकांश लोग बिहार के हैं और कुछ लोग बिहार के बाहर कर्नाटक के रहने वाले हैं. अभी जांच जारी है.
उन्होंने बताया कि पीएफआई से जुड़े ये लोग मस्जिद और मदरसों में युवाओं को जुटाने और कट्टरता को लेकर लगातार सक्रिय थे.
भाजपा नेताओं ने आरएसएस से तुलना पर नाराज़गी जताई, बयान वापस लेने की मांग
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमत्री सुशील कुमार मोदी ने पटना एसएसपी की उक्त टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, ‘धर्मनिरपेक्ष भारत को इस्लामी देश बनाने की साजिश में लिप्त पीएफआई के संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद इस प्रतिबंधित संगठन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)जैसे देशभक्त संगठन की तुलना करना नितांत निंदनीय और अज्ञानतापूर्ण है.’
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि पटना के एसएसपी को ऐसा बयान तुरंत वापस लेना चाहिए और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.
धर्मनिरपेक्ष भारत को इस्लामी देश बनाने की साजिश में लिप्त पीएफआई के संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद इस प्रतिबंधित संगठन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे देशभक्त संगठन की तुलना करना नितांत निंदनीय और अज्ञानतापूर्ण है।
— Sushil Kumar Modi (मोदी का परिवार ) (@SushilModi) July 14, 2022