भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पास कर दी AAP की ताकत

www.atalhind.com2 May 20265 min read0 viewsपंजाब
भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव पास कर दी AAP की ताकत

चंडीगढ़  /01 मई /अटल हिन्द ब्यूरो

 

 

पंजाब विधानसभा में आज मजदूर दिवस के मौके पर विशेष सत्र बुलाया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मौके पर दो बड़े काम किए — एक तो मजदूरों के लिए अच्छी खबर दी, दूसरे अपनी सरकार की ताकत दिखा दी।

आप सरकार ने अपनी ताकत दिखा दी और मजदूरों को भी राहत दी। लेकिन सदन में जो हंगामा हुआ, उससे साफ है कि पंजाब की राजनीति अभी भी काफी तनावपूर्ण है। आने वाले दिनों में सियासी घमासान और तेज होने वाला है।

 

 

मजदूरों को तोहफा

सीएम मान ने ऐलान किया कि पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी की जाएगी। ये बढ़ोतरी सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर लागू होगी। उन्होंने इसे मजदूर दिवस का तोहफा बताया। CM ने कहा कि 2013 के बाद से दो सरकारें आईं-गईं, लेकिन मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी। अब आप सरकार ने ये कदम उठाया है।

विश्वास प्रस्ताव और टूट की अफवाहों पर विराम

सत्र में भगवंत मान ने विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश किया, जो बिना किसी विरोध के पास हो गया। विपक्ष सदन में मौजूद ही नहीं था, इसलिए सर्वसम्मति से पास माना गया।आम आदमी पार्टी के कुल 94 विधायकों में से 88 ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। 6 विधायक वोट नहीं कर सके — जिनमें 2 जेल में हैं और 4 गैरहाजिर रहे। इससे AAP में टूट की जो अफवाहें पिछले कुछ दिनों से चल रही थीं, उन पर पूरी तरह विराम लग गया।

 

 

सीएम का स्पष्ट संदेश

भगवंत मान ने साफ कहा, “अफवाहों का बाजार गर्म है, लेकिन AAP में कोई टूट नहीं है। ये खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने के लिए चलाई जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के विधायक लालच के आगे नहीं झुकेंगे।

पंजाब पहला राज्य होगा जो राष्ट्रपति के पास ये मांग लेकर जाएगा कि पार्टी बदलने पर सख्त कानून बने। उन्होंने दावा किया कि AAP चट्टान की तरह मजबूत है और गुजरात के स्थानीय चुनावों में सैकड़ों सीटें जीतकर विपक्ष में बेचैनी पैदा कर दी है।

मंत्री संजीव अरोड़ा और विधायक अनमोल गगन मान ने भी सरकार के चार साल के कामों का बखान किया — सस्ती बिजली, भ्रष्टाचार पर लगाम और लंबित काम निपटाने की बात कही।

सदन में हंगामा

सत्र पूरी तरह शांत नहीं रहा। जब सीएम मान ने कांग्रेस विधायकों पर मोबाइल इस्तेमाल करने की टिप्पणी की तो माहौल गरम हो गया। खासकर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बैठने के तरीके को लेकर आप और कांग्रेस के बीच तीखी बहस हो गई।

खैरा ने मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक आरोप लगाए, जिसके बाद कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। भाजपा और अकाली दल के विधायक तो पहले से ही सदन में नहीं थे।

विपक्ष की नाराजगीनेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बार-बार विशेष सत्र बुलाने का कोई फायदा नहीं। उन्होंने मांग की कि नियमित सत्र बुलाए जाएं, जिसमें प्रश्नकाल और शून्यकाल भी हो, ताकि विधायक जनता के मुद्दे उठा सकें।

सीएम मान ने जवाब में कहा कि विशेष सत्र बुलाना गलत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले सत्र में बेअदबी के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया था, जो अब कानून बन चुका है।

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