स्मार्टफोन में संवेदनशील डेटा रखने वाले सावधान, हेल्पलाइन 1930 जारी

Fatah Singh Uajala5 August 20262 min read0 viewsक्राइम
स्मार्टफोन में संवेदनशील डेटा रखने वाले सावधान, हेल्पलाइन 1930 जारी

 

राजस्थान पुलिस साइबर क्राइम शाखा ने स्मार्टफोन में बैंकिंग, दस्तावेज और निजी डेटा सुरक्षित रखने के लिए एडवाइजरी जारी की।

 

जयपुर / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स / 4 अगस्त 2026

 

महानिदेशक पुलिस  राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को स्मार्टफोन में निजी और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने को लेकर महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

 

पुलिस ने चेतावनी दी है कि आज स्मार्टफोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, निजी दस्तावेज, डिजिटल लॉकर और व्यक्तिगत जानकारी का केंद्र बन चुका है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर ठगी, पहचान चोरी और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। भारत में रोजाना 1.3 लाख से अधिक साइबर हमले होते हैं, जिससे एक छोटी सी लापरवाही से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

डेटा लीक और साइबर हमलों के आंकड़े

हाल ही में सामने आए बैंक ऑफ बड़ौदा डेटा लीक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों का हवाला देते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि एक कर्मचारी के ईमेल से करीब 1 टीबी डेटा डार्क वेब पर लीक होने का मामला सामने आया था। रिपोर्ट के अनुसार 61 प्रतिशत लोग अपने निजी दस्तावेज, 60 प्रतिशत फोटो-वीडियो, 38 प्रतिशत बैंकिंग जानकारी, 48 प्रतिशत ऑफिस ई-मेल, 37 प्रतिशत एआई चैट हिस्ट्री और 34 प्रतिशत लोग अपने पासवर्ड भी मोबाइल फोन में ही सेव रखते हैं।

साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने और सुरक्षा के उपाय

एडीजी श्री सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी मुख्य रूप से पहचान चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और कॉरपोरेट जासूसी जैसी चार तरह की जानकारियों को निशाना बनाते हैं। राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक वाईफाई पर बैंकिंग कार्य करने से बचें, फोन में स्टोरेज एन्क्रिप्शन और स्क्रीन लॉक हमेशा चालू रखें, तथा ऐप्स को केवल आवश्यक परमिशन दें। बैंकिंग ऐप्स और महत्वपूर्ण दस्तावेज होम स्क्रीन या गैलरी में खुले न रखकर सिक्योर फोल्डर या हिडेन फोल्डर में रखें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि का सामना करना पड़े तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज कराई जा सकती है। राजस्थान पुलिस ने साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 भी जारी किए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment