तप, तपस्या और उपासना से की जा सकती है भगवान की प्राप्ति : राजेंद्र जी महाराज

Atal Hind8 June 20253 min read0 viewsजींद
तप, तपस्या और उपासना से की जा सकती है भगवान की प्राप्ति : राजेंद्र जी महाराज

तप, तपस्या और उपासना से की जा सकती है भगवान की प्राप्ति : राजेंद्र जी महाराज

बद्रीनाथ धाम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया नंद उत्सव

जींद, नरवाना, उचाना से सैंकड़ों भक्त कथा सुनने पहुंचे बद्रीनाथ धाम

नरवाना, 8 जून (अटल हिन्द ब्यूरो /राजीव गर्ग) : उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा को सुनने के लिए नरवाना, उचाना व जींद से सैकड़ों भक्तजन बद्रीनाथ धाम पहुंचे। श्री मुरली निकुंज निष्काम सेवा संस्थान वृंदावन द्वारा आयोजित इस श्रीमद् भागवत कथा में अंतर्राष्ट्रीय भागवताचार्य राजेंद्र जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का गुणगान कर रहे हैं। भागवताचार्य राजेंद्र जी महाराज ने बताया कि देश की चारों दिशाओं में स्थित चार धामों में श्रीमद् भागवत कथा करने का उनका लक्ष्य है।

 

उन्होंने बताया कि सबसे पहले बद्रीनाथ धाम में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर इस संकल्प की दिशा में एक कदम बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि अगली कथा जगन्नाथ पुरी धाम में आयोजित की जाएगी। उसके उपरांत द्वारकाधीश धाम व रामेश्वर धाम में कथा का आयोजन करने के  बाद पांचवीं कथा गंगा सागर में की जाएगी। सच्चा बाबा आश्रम बद्रीनाथ धाम में 5 जून से 11 जून तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा के चौथे दिन नंद महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। राजेंद्र जी महाराज ने कहा कि बिना भागवत कृपा के कुछ भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा दानवीय गुणों को समाप्त कर मानवता की ओर अग्रसर करने की प्रेरणा प्रदान करती है।

 

उन्होंने कहा कि ईश्वर को पाने के लिए वेदों, पुराणों, उपनिषदों में यज्ञ, जप, तप व ध्यान आदि अनेक साधन बतलाए गए हैं। राजेंद्र जी महाराज ने कहा कि तप, तपस्या और उपासना से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने से सभी की परेशानियां दूर हो जाती है। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य जिस कथा में होते हैं, वही भागवत है। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से श्रीमद् भागवत कथा सुननी चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा को आगे बढ़ाते हुए आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई व नंद उत्सव पूरे धूमधाम से मनाया गया। राजेंद्र जी महाराज ने श्री कृष्ण जन्म की बधाईयों के भजन सुनाए तो उपस्थित महिलाएं व अन्य भक्तजन श्री कृष्ण जन्म पर झूम कर नाचने लगे।

 

 

इससे पूर्व राजेंद्र जी महाराज ने बताया कि भगवान ब्रह्मा जी ने किस प्रकार सृष्टि की रचना की। उन्होंने भगवान कपिल के जन्म का प्रसंग सुनाया। उसके बाद भक्त प्रहलाद की कथा का वर्णन किया और बताया कि किस प्रकार नरसिंह भगवान ने हिरण्यकश्यप का उद्धार किया। इसके बाद श्री राम जन्मोत्सव की कथा का भी संक्षिप्त में वर्णन किया। बद्रीनाथ धाम में कथा सुनने के लिए नरवाना से वेदांता इंटरनैशनल स्कूल तथा सूरताराम मैमोरियल ट्रस्ट की चेयरपर्सन शीला देवी विशेष रूप से पहुंची। इसके अलावा नरवाना से प्रवीण कुमार, सत्यनारायण बंसल, राजेंद्र पाई, सुनील जिंदल, उचाना से भगत दिलबाग, जींद से मीनाक्षी सिंगला व नरेश सिंगला सहित अनेक लोग  कथा सुनने के लिए बद्रीनाथ धाम पहुंचे। यहां सभी भक्तों ने राजेंद्र जी महाराज का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज ने विधिवत रूप से पूजा अर्चना संपन्न करवाई। कथा उपरांत नरवाना से कथा सुनने पहुंचे भक्तों ने बद्री विशाल के दर्शन किए।

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