भारत पर बड़ा आंतकी हमला ,उपराष्ट्रपति वेंस भारत में ,बीजेपी नेता नरेंद्र मोदी सउदी अरब में ?

श्रीनगर(पहलगाम )अटल हिन्द/एजेंसी
केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर में शांति के दावों को चुनौती देते हुए आतंकियों ने मंगलवार को पहलगाम में पर्यटकों पर भीषण हमला किया, जिसमें 27 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इनमें तीन विदेशी शामिल हैं.यह घातक हमला, जो जम्मू-कश्मीर में नाजुक सुरक्षा स्थिति को उजागर करता है, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा बलों की तैयारियों की समीक्षा करने के बमुश्किल एक पखवाड़े बाद हुआ है.इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है. माना जाता है कि यह संगठन पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक अंग है.एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को दोपहर करीब 2:50 बजे बैसरन घाटी (जो अपने घास के मैदानों के लिए प्रसिद्ध है) में गोलियों की आवाज सुनी गई.

अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी घास के मैदान में घुस आए और उन्होंने खाने-पीने की दुकानों के आसपास घूम रहे, घोड़े की सवारी कर रहे या पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि गोलीबारी के बाद मदद के लिए चीख-पुकार सुनी जा रही थी, जबकि बेजान शव खून से लथपथ पड़े थे. कुछ लोगों का कहना है कि हमलावरों की संख्या पांच थी. एक महिला ने बताया कि आतंकवादियों ने पीड़ितों को गोली मारने से पहले उनका नाम पूछा.
गौरतलब है की भारत पर हुए इस भयानक आंतकी हमले के समय बीजेपी नेता महामानव सउदी अरब में मन की इच्छा पूरी कर रहे थे और उनके ख़ास दोस्त के सहयोगी उपराष्ट्रपति वेंस, भारतीय मूल की द्वितीय महिला उषा वेंस और उनके तीन बच्चे – बेटे इवान, विवेक और बेटी मीराबेल – सोमवार को दिल्ली पहुंचे थेख़बरों के मुताबिक, अमित शाह श्रीनगर पहुंच चुके हैं और वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं.


भारत पर बड़ा आंतकी हमला पहलगाम जम्मू कश्मीर
हमले में मारे गए विदेशियों की राष्ट्रीयता तथा अन्य मृतकों की पहचान पहचान अब तक मालूम नहीं चल सकी है, पर बताया गया है कि हताहतों में से कुछ महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात और कर्नाटक से हैं. इस खबर के लिखे जाने के समय तक हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. एनएनआई मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है.हमले के बाद इलाके में सेना की मदद से घेराबंदी और तलाशी अभियान भी चलाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों का पता लगाने के लिए इलाके के ऊपर हेलीकॉप्टर मंडराते देखे गए.
द रेजिस्टेंस फ्रंट संगठन (The Resistance Front Organization)ने एक बयान में इस हमले को भारत के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में कथित ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन’ का बदला बताते हुए उचित ठहराने की कोशिश की है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हाल ही में हुए इस खुलासे का जिक्र करते हुए कि पिछले दो वर्षों में जम्मू-कश्मीर में गैर-स्थानीय लोगों को 83,742 निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, संगठन ने कहा कि वे (गैर-स्थानीय लोग) ‘सैलानी के रूप में आते हैं, डोमिसाइल लेते हैं और फिर ऐसा बर्ताव करना शुरू कर देते हैं जैसे कि वे जमीन के मालिक हैं.’सोशल मीडिया पर प्रसारित टीआरएफ के बयान में कहा गया, ‘नतीजन, (जम्मू-कश्मीर में) अवैध रूप से बसने की कोशिश करने वालों के खिलाफ हिंसा की जाएगी.’(अटल हिन्द इस बयान की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.)

