पंजाब के 18 और 19 तारीख को लेकर जारी हुआ Alert, घर से निकलने से पहले पढ़ें…

www.atalhind.com18 April 20252 min read0 viewsपंजाब
पंजाब के 18 और 19 तारीख को लेकर जारी हुआ Alert, घर से निकलने से पहले पढ़ें…

जालंधर: गत रात आंधी आने से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है, जिससे गर्म का प्रकोप कुछ दिनों के लिए आगे पड़ता हुआ प्रतीत हो रहा है। इसी क्रम में मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केन्द्र द्वारा 2 दिन के लिए अलर्ट जारी किया गया है जिसके चलते आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 18 व 19 अप्रैल को यैलो अलर्ट रहेगा व इस दौरान आंधी चलने की संभावना बताई गई है। वहीं, राज्य के 13 जिलों में आज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 8 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, रूपनगर, एसएएस नगर, फतेहगढ़ और नवांशहर में बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

गत रात आंधी के बाद बारिश का मौसम बना था लेकिन राज्य के कई जिलों में बारिश ने जोर नहीं दिखाया, लेकिन इसके बावजूद ठंडी हवाओं से मौसम का मिजाज कुछ बदला हुआ नजर आया। मौसम में हलका सा बदलाव जनता के लिए राहत वाला साबित हुआ है। पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए रहे और इसी के चलते सूर्य व बादलों की आंखमिचौली देखने को मिली। हवाओं की गति भी मध्यम से तेज रही जिससे गर्मी का अहसास कम हुआ। वहीं, पहाड़ों में बदल रहे मौसम असर पंजाब के मैदानी इलाकों में पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में हुए हिमपात का सीधा असर पंजाब के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है व इसी के चलते तापमान में गिरावट हुई है। महानगर जालंधर की बात की जाए तो तामपान में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज हुई है जबकि न्यूनतम तापमान 6-7 डिग्री तक कम हुआ है। जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलेगा और बारिश भी हो सकती है।

अभी भी खड़ी हैं फसलें, हो सकता है नुक्सान
गत रात आंधी के चलते फसलों को भी नुक्सान पहुंचा। बैसाखी भले ही निकल चुकी है, लेकिन पंजाब के कई हिस्सों में फसलों की कटाई होना अभी बाकि है, ऐसे में यदि आने वाले दिनों में आंधी आती है तो खड़ी फसलों को नुक्सान हो सकता है। बताया जा रहा है कि विभिन्न स्थानों पर कुछ कारणों के चलते फसलों की कटाई नहीं हो पाई है, इस काम को अभी कुछ दिनों यां सप्ताह भर से अधिक का समय भी लग सकता है। जानकारों का कहना है कि किसानों द्वारा कटाई करवाने के प्रति तेजी दिखाई जानी चाहिए ताकि खड़ी फसलों को होने वाले नुक्सान से बचाया जा सके।

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